पुरानी पेंशन योजना पंजाब में लागू होना का लाभ किस-किस को मिलेगा?

शुक्रवार को पुरानी पेंशन योजना को पंजाब सरकार ने मंजूरी दे दी। कैबिनेट की मीटिंग में इसे अप्रूवल मिलने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ऐलान किया कि पुरानी पेंशन योजना को नोटिफाई कर दिया गया है।

Updated On: Nov 21, 2022 18:02 IST

Dastak Web Team

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जूली चौरसिया

आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पुरानी पेंशन योजना पर स्विच करने का वादा कर रहे हैं, सुधार लाने की घड़ी को वापस पीछे छोड़ना एक बुरी राजनीति है और निश्चित रूप से खराब अर्थशास्त्र है। कांग्रेस पहले से ही पुरानी पेंशन योजना को वापस ला चुकी है और अब आम आदमी पार्टी ने भी कहा था कि वह भी पंजाब में ऐसा ही करेगी यानी पुरानी पेंशन योजना वापस लाएगी। शुक्रवार को पुरानी पेंशन योजना को पंजाब सरकार ने मंजूरी दे दी। कैबिनेट की मीटिंग में इसे अप्रूवल मिलने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ऐलान किया कि पुरानी पेंशन योजना को नोटिफाई कर दिया गया है और अब सभी कर्मचारी इसका लाभ उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने उनसे वादा किया था और उस वादे को निभाया भी।

योजना एक महीने पहले ही बना ली थी करीब 1 महीने पहले ही पंजाब सरकार ने कैबिनेट की बैठक में कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को वापस लाने की योजना बना ली थी। बहुत समय से कर्मचारियों की मांग थी कि पुरानी पेंशन योजना को वापस बहाल कर देना चाहिए।

क्या है? पुरानी पेंशन योजना और नई पेंशन योजना-

2010 के बाद ही सरकार ने नई पेंशन योजना के तहत सरकारी कर्मचारियों की नियुक्ति की थी। इस योजना में पुरानी पेंशन योजना के मुकाबले बहुत कम फायदे मिलते हैं और उनका भविष्य भी सुरक्षित नहीं होगा।क्योंकि रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन में से आपको सरकार को टैक्स चुकाना होगा। परंतु पुरानी पेंशन योजना में पेंशन आखरी ड्रॉन सैलरी के आधार पर बनती थी और इतना ही नहीं महंगाई बढ़ने के साथ महंगाई भत्ता भी बढ़ जाता था। जब सरकार कोई नया वेतन आयोग लागू करती है तो भी पेंशन में बढ़ोतरी होती है।

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि मूंग की फसल का रकबा पंजाब में 50,000 एकड़ से बढ़कर सवा एकड़ हो गया है और 29334 किसानों के बैंक खातों में 25 करोड़ 83 लाख रुपए ट्रांसफर किए जा चुके हैं। किसानों को मार्कफेड की ओर से खरीद पर 40 करोड़ रुपए अधिक राशि दी गई है। उन्होंने आगे बताया कि 7 महीने के अंदर फसल खराब होने पर किसानों को ₹800000000 की राशि दी जा चुकी है और किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुए लोगों के 624 परिवारों के को पांच- पांच प्रत्येक परिवार को दिए गए हैं। अभी तक 326 परिवारों के सदस्यों को नौकरियां दे दी गई है और अन्य को नौकरी दी जाएगी।

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