वैक्सीन की दो डोज लेने वाले नहीं हो रहे कोरोना से पीडित, मुंबई में किए गए सर्वे में हुआ खुलासा

कोरोनावायरस वैक्सीन का पहला टीका थोडा असर दिखाता है और दूसरा टीका अच्छा असर दिखाता है। मुंबई में 2.9 लाख कोरोना मरीजों पर बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) द्वारा 1 जनवरी से 17 जून तक एक सर्वे किया गया था।

Updated On: Jun 28, 2021 12:34 IST

Dastak

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कोरोनावायरस वैक्सीन का पहला टीका थोडा असर दिखाता है और दूसरा टीका अच्छा असर दिखाता है। मुंबई में 2.9 लाख कोरोना मरीजों पर बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) द्वारा 1 जनवरी से 17 जून तक एक सर्वे किया गया था। जिसमें सामने आया है कि वैक्सीन की दूसरी खुराक लेने के बाद केवल 26 लोग ही कोरोना पीडित हुए हैं और पहली लेने के बाद 10,500 करोना पीडित हुए थे। ऐसे में ये सर्वे कोरोना वायरस वैक्सीन के असर को लेकर लोगों के सवालों के जवाब देने के लिए काफी उपयुक्त है।

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक बीएमसी के मुताबिक कोरोना अवधि के दौरान मुंबई में 3.95 लाख से अधिक कोरोना मामले देखने को मिले हैं। जिसमें गंभीर दूसरी लहर भी शामिल है, निगम इस दौरान 2.9 लाख से अधिक कोरोना मरीजों से संपर्क साधने में कामयाब हुई, जो होम आईसोलेशन में थे।

एक लाख से अधिक कोरोना मरीज जो अस्पतालों में भर्ती थे उनकी एंट्री अभी करना बाकी है। बीएमसी के मुताबिक उन्हें उम्मीद है कि उनकी नतीजे भी अभी तक आए होम आईसोलेशन वाले नतीजों से मिलते जुलते होंगे। निगक ने कोरोना मरीजों का डाटा दो तरीकों से जुटाया था। जिसमें अस्पताल में भर्ती मरीजों और घर पर ठीक हो रहे मरीजों का डाटा अलग-अलग रखा गया था।

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निगम द्वारा फिलहाल जारी किए गए आंकडे बतलाते हैं कि कोरोना वैक्सीन गंभीर संक्रमण को रोकने में कारगार साबित हुई है। अस्पताल में भर्ती मरीजों का डाटा सामने आने के बाद ये संख्या बढ़नी तय है। फिलहाल जारी किए गए सरकारी डाटा के अनुसार मुंबई में 53.83 लाख लोग कोरोना वैक्सीन लगवा चुके हैं। जिसमें 10 लाख वो हैं जिन्होंने वैक्सीन की दोनों डोज ले ली हैं।

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