ग्रीन फंगस क्या है? जानें इसके लक्षण और रोकथाम के उपाय

हम इस खबर में आपको ग्रीन फंगस क्या है उसके क्या लक्षण है और उससे कैसे बचा जा सकता है ये बता रहे हैं। देश में मध्यप्रदेश के इंदौर से ग्रीन फंगस का पहला मामला भी सामने आया है।

Updated On: Jun 16, 2021 20:02 IST

Dastak

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Source- Pixabay)

देश कोरोनावायरस (Covid19) की दूसरी लहर से निपट रहा है। दूसरी लहर के प्रभाव के कम होने के बाद देश में ब्लैक फंगस (Black Fungus) के मामले तेजी से सामने आए हैं। सिर्फ ब्लैक ही नहीं सेफेद और पीले फंगस के मामले भी देशभर में देखने को मिले हैं। हमारे डॉक्टरर्स अभी इन मामलों से निपट ही रहे थे कि अब देश में ग्रीन फंगस (Green Fungus) का मामला भी सामने आया है। मध्यप्रदेश में देश का पहला ग्रीन फंगस का मामला सामने आया है। वहां के इंदौर शहर में एक 34 साल के कोरोनावायरस पीडित में ग्रीन फंगस पाया गया है। मरीज के ग्रीन फंगस की पुष्टी होने के तुरंंत बाद उसे एयर एम्बुलेंस में तुरंत मुंबई रेफर किया गया है।

भारत के कई राज्य ब्लैक फंगस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए उसे महामारी घोषित कर चुके हैं। अब रेयर फंगस की कटैगरी में आने वाला ग्रीन फंगस सामने आया है। जिसके बाद फंगस इंफेक्शन बढ़ने का खतरा काफी ज्यादा हो गया है। लेकिन लोग अभी दुविधा में है कि आखिर ये ग्रीन फंगस क्या है और ये ब्लैक और व्हाईट फंगस से कैसे अलग है। हम यहां आपको इस दुविधा से संबधित सवालों के उत्तर देने की कोशिश करेंगे।

ग्रीन फंगस क्या है?

ग्रीन फंगस को 'एस्परगिलोसिस' के नाम से भी जाना जात है। इसमें तेज बुखार के साथ नाक में से खून आता है। एस्परगिलोसिस यानी ग्रीन फंगस एक संक्रमण है जो एस्परगिलस के कारण होता है। ये एक सामान्य फंगल है जो अंदर और बाहर दोनों जगह जीवित रह सकता है।

ग्रीन फंगस किन लोगों पर करेगा जल्दी असर?

कम इमिन्यूटि वाले या फिर फेफड़ों से संबधित बीमारी वाले लोगों में एस्परगिलस के कारण स्वास्थय खराब होने की अधिक संभावना है।

ग्रीन फंगस के लक्षण क्या है?

-नाक से खून बहना -तेज बुखार होना -थकान या कमजोरी -वजन का घटना

डॉक्टरों के अनुसार भारत के ग्रीन फंगस के जिस पहले मरीज को इंदौर से मुंबई एयरलिफ्ट किया गया है उसमें उपरोक्त लक्षण पाए गए थे। मरीज बीच में ठीक हालत में पहुंच गया लेकिन एकदम से उसे तेज बुखार और नाक में से खून बहने लगा। वजन घट जाने के कारण वो काफी कमजोर भी हो गया है।

ग्रीन फंगस को कैसे रोका जा सकता है-

-ग्रीन फंगस एक दुलर्भ फंगल है, ऐसे फंगलों को हाईजीन का ध्यान रखकर और शारीरिक स्वच्छता का ध्यान रखकर रोका जा सकता है।

-धूल भरी जगह, पहले से जमा गंदा पानी वाली जगहों से बचने की कोशिश करने की एक्सपर्टस सलाह देते हैं। अगर आपको किसी कारण से इन क्षेत्रों में जाना पड़ भी रहा है तो आप एन95 मास्क का इस्तेमाल करें।

-आपको ऐसे काम से बचना चाहिए जिसमें मिट्टी या धूल के करीब से संपर्क में आने की संभावनाएं बनी हुई हों।

-आप अपने चेहरे और हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं विशेषकर तब जब आप धूल या मिट्टी के संपर्क में आए हों।

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(ये आर्टिकल समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट और एक्सपर्टस की राय पर आधारित है। सामान्य ग्रीन फंगस के मरीज और कोरोनावायरस प्रभावित ग्रीन फंगस के मरीज में क्या अंतर है इस विषय पर अभी शोध होने के बाद ही कुछ साफ कहा जा सकता है।)

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