मजदूर-दलितों के भी मसीहा थे पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह

किसानों के मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री चै0 चरणसिंह जी की 33 वीं पुण्यतिथि पर स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने श्रद्धांजली अर्पित की। इस मौके पर कपिल यादव, अमन कुमार, कुमारी वर्षा, यश यादव, प्रदीप कुमार व अजय कुमार ने भी अपने श्रद्धासुमन अर्पित किये।

Updated On: May 29, 2020 10:57 IST

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वेदप्रकाश विद्रोही

किसानों के मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री चौ. चरणसिंह जी की 33 वीं पुण्यतिथि पर स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर कपिल यादव, अमन कुमार, कुमारी वर्षा, यश यादव, प्रदीप कुमार व अजय कुमार ने भी अपने श्रद्धासुमन अर्पित किये। इस अवसर पर विद्रोही ने कहा कि महात्मा गांधी के सच्चे अनुयायी एवं आजादी आंदोलन के स्वंतत्रता सेनानी चौ. चरणसिंह जीवनभर गांव व किसान के हित में लड़ते रहे। देश की आजादी के बाद वे उत्तरप्रदेश कांग्रेस सरकार में मंत्री बने व राजस्व मंत्री के रूप में उन्होंने उत्तरप्रदेश में भूमि सुधारों को लागू करके भूमिहीन खेतिहर मजदूरों को मालिक बनाया।

विद्रोही ने कहा कि उत्तरप्रदेश में पिछड़ी, दलित, कृषक व अल्पसंख्यक जातियों को इक्कठा करके चौ. चरण सिंह ने शोषितों व वंचितों को राजनीति में आगे बढ़ाने व सत्ता पर कब्जा करने का जो रास्ता दिखाया, उसी के फलस्वरूप हरियाणाए उत्तरप्रदेश, बिहार, उडीसा जैसे राज्यों में पिछड़ी व कृषक जातियों के नेताओं का राजनीति में वर्चस्व बढ़ा। जनता पार्टी के उपप्रधानमंत्री के रूप मे मंडल कमीशन की स्थापना करके उन्होंने पिछड़ी जातियों के लिए नौकरियों में आरक्षण का रास्ता साफ किया जिसकी बदौलत आज देश में पिछड़ी जातियों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण मिल पा रहा है।

विद्रोही ने कहा कि जीवनभर गांधीवादी मूल्यों को लेकर किसान व गांव की लड़ाई लडने वाले चौ. चरणसिंह आजादी के बाद गांव व किसानों के सबसे बड़े नेता के रूप में उभरे और किसानों के प्ररेणा स्त्रोत बनें। आज उनकी पुण्यतिथि पर उन्हे श्रद्धांजली अर्पित करके हम अपने आपको गौरवांवित महसूस कर रहे हैं।

विद्रोही ने कहा वे तो व्यक्तिगत रूप से भी चौधरी चरण सिंह के जीवनभर आभारी रहेंगे क्योकि उनको राजनीति में पहचान चौधरी साहिब की बदौलत मिली है। विद्रोही ने कहा जब वे मात्र 23 -24 वर्ष के एक अनजान युवक थे तब चौधरी साहिब ने मुझे हरियाणा लोकदल का प्रांतीय सचिव बनाया। जबकी उस दौर में प्रदेश स्तर पर प्रदेश अध्यक्ष सहित मात्र दस-ग्यारह पदाधिकारी होते थे और मेरे को छोडक़र सभी पदाधिकारी एमपी या एमएलए थे। मैं उस समय न केवल एक साधारण परिवार का एक आम युवक था अपितु अन्य पार्टी पधाकिरियो की तुलना में बहुत कम अनुभवी व कम प्रभावी था। फिर भी चौधरी चरण सिंह जी ने मुझे लोकदल की प्रदेश पदाधिकारियों में स्थान ही नहीं दिया अपितु निजी स्नेह भी दिया।

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विद्रोही ने कहा मुझे आज जो राजनीतिक पहचान मिली उसका सारा श्रेय चौधरी चरण सिंह जी को है। जिनका उपकार मैं कभी भुला नहीं सकता। मेरे जैसे अनेक साधारण लोगो को चौधरी साहिब ने आगे बढ़ाया। जिनमे कई लोग मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री सांसद, विधायक बने। चौधरी चरण सिंह न केवल किसानो के मसीहा थे अपितु साधारण परिवार के किसान, मजदूर, पिछड़े, दलितों के युवाओ को राजनीति में आगे लाने वाले महान नेता भी थे। किसान, मजदूर, गरीब, शोषित-वंचित उनका सदैव आभारी रहेगा।

उपरोक्त विचार लेखक के निजी विचार हैं, लेखक स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता हैं।

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