राजधानी दिल्ली में बारिश के पानी में डूबकर टेम्पो चालक की मौत से शर्मनाक कुछ नहीं

देश की राजधानी दिल्ली भी चंद घंटों की बारिश में डूब गई। अंडरपास में खड़ी डीटीसी की बस समा जाती है टेम्पो चालक की मौत हो जाती है, आईटीओ के पास एक घर ढह जाता है और पानी में समा जाता है।

Updated On: Jul 19, 2020 13:09 IST

Dastak

Photo Source- Screengrab from Videos

अजय चौधरी

अपने टाटा एस (टेम्पो) में बैठकर कुंदन कनॉट प्लेस की तरफ जा रहा था लेकिन मिंटो ब्रिज के नीचे पानी की गहराई इतनी थी कि उसकी पानी में डूबकर मौत हो जाती है। बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिलता। उसी पानी में डीटीसी बस भी डूबी है जिसका ऊपरी छोर दिखाई दे रहा है तस्वीरों में लेकिन ऑटो चालक के डूबने की खबर बाद से लगती है क्योंकि वो तो उस पानी में समा ही जाता है। कुंदन का शव जब पानी में बहकर ऊपर आता है तो पास खडे़ लोगों की नजर उसपर पडती है और उसे बाहर निकाला जाता है।

एक देश की राजधानी के लिए इससे शर्मनाक खबर कोई और हो नहीं सकती है। इस पानी में डूबकर जिम्मेदार लोगों को मर जाना चाहिए। लगातार बिहार की बारिश का जिक्र हो रहा था, वहां की राजधानी हर मानसून डूबती ही है। लेकिन देश की राजधानी दिल्ली भी चंद घंटों की बारिश में डूब गई। अंडरपास में खड़ी डीटीसी की बस समा जाती है टेम्पो चालक की मौत हो जाती है, आईटीओ के पास एक घर ढह जाता है और पानी में समा जाता है। पानी ऐसे बह रहा है जैसे नाला। इससे गंभीर और क्या हो सकता है।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन की टीम क्यों दिल्ली में एक्टिव नहीं हो जाती, क्या ये आपदा नहीं है? अगर ये सामान्य है तो ये सामान्य हर वर्ष क्यों बनाया जा रहा है। हम देश को कौनसा दिल्ली मॉडल देना चाहते हैं। अंडरपासों से पानी की निकासी का इंतजाम करने में हमें कितने वर्ष चाहिए। 70 साल को कोसा हमने लेकिन इस इंतजाम के लिए केजरीवाल के विकास मॉडल से लेकर मोदी तक के विकास मॉडल को कितने साल चाहिए। या सिर्फ विचारधारा या धार्मिक एजेंडे के बदल जाने को ही विकास मान लिया जाए।

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