सीरम इंस्टिट्यूट वाले अदार पूनावाला को Y कैटेगरी सुरक्षा, वैक्सीन है हजारों करोड़ों का खेल !

Updated On: Apr 29, 2021 17:56 IST

Dastak

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नवनीत चतुर्वेदी

सीरम इंस्टिट्यूट (Serum Institute) वाले अदार पूनावाला (Adar Poonawalla) को Y कैटेगरी सुरक्षा केंद्र सरकार ने प्रदान की है। जो कि बहुत जरूरी था, वैक्सीन जो बिक रही है कई हजार करोड़ का खेल है। पहले तो उसे सरकारी फण्ड से पैसा दिया गया कि जाओ वैक्सीन बनाओ, मतलब वो पैसे टैक्सपेयर्स के पैसे ही है। किसी दामोदर का दिया हुआ नही था।

अब वो तैयार हुई वैक्सीन महंगे दाम में बेच रहा है। वो भी राज्य सरकार व केंद्र सरकार खरीद रही है, मतलब जिस प्रॉडक्ट का दाम उसको चुकाया जा चुका था, उसे वापस पब्लिक मनी से खरीदा जा रहा है। वैक्सीन पर अधिकार किसका है? जब रिसर्च के लिए केंद्र सरकार से ग्रांट मिली है, तो वह प्रॉडक्ट सरकारी हुआ न!! निजी क्षेत्र का कहाँ हुआ?

यदि यह सीरम इंस्टीट्यूट सरकारी पब्लिक सेक्टर यूनिट होता तो आज यह हजारों करोड़ सरकार के पास होते, लेकिन अब ये अदार पुनावाले को दिए जा रहे हैं। फिर वो इन्ही पैसे में से एक बड़ा हिस्सा इलेक्टोरल बांड के जरिये एक पार्टी विशेष को दे देगा। अब पब्लिक मनी से उसकी सुरक्षा भी की जाएगी, अदार पुनावाले की।

नोट:-- कोरोना की यह सेकंड वेव घातक है, लोग मर रहे हैं वो भी दिख रहा है। चलो मान लिया कोरोना है लेकिन मेरा सवाल यह है कि मोदीजी के दोस्त दिन दुने रात चौगुने कमा कैसे रहे हैं। उनके पास आखिर कौनसा पारस-पत्थर है?? आखिर खेल क्या है इस वैक्सीन का? अकेला यह वैक्सीन मार्केट एक लाख करोड़ से ऊपर का है!! यदि वैक्सीन से जान बचाने की गारंटी हो तब भी मैं एक बार शांत बैठ जाऊं, लेकिन वैक्सीन के बाद भी कोरोना संक्रमित लोग हो रहे हैं और मर भी रहे हैं। तो मैं क्यों न कोरोना को फर्जी षडयंत्र या बायो वेपन कहूँ!!

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(ये लेख वरिष्ठ पत्रकार नवनीत चतुर्वेदी की फेसबुक वॉल से लिया गया है, इस लेख में उनके अपने निजी विचार हैं)

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