पहले से ही बनारस में चुनाव लडने की तैयारी कर रहे थे तेजबहादुर, फिर अभी विरोध क्यों?

Updated On: Apr 30, 2019 17:40 IST

Dastak

निर्दलिय उम्मीदवार के रुप में बनारस में मोदी के खिलाफ प्रचार करते तेज बहादुर यादव (फोटो तेजबहादुर की फेसबुक वॉल से लिया गया है)

अजय चौधरी

ajay chaudhary
Photo- Ajay Chaudhary

तेज बहादुर यादव अब से नहीं काफी दिनों से बनारस में कुछ पूर्व सैनिकों के साथ हैं और मोदी के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके थे। बीएसएफ में खराब खाने की शिकायत का लाइव वीडियो शेयर करने वाले इस जवान में अबतक किसी को कमियां नहीं दिखती थी। क्योकिं ये जवान मीडिया की सुर्खियों से दूर था और न ही बनारस से पीएम को चुनौतीपूर्ण मुकाबला देने की स्तिथि में था।

लेकिन सपा से तेजबहादुर को कैंडिडेट घोषित करते ही उसमें कमियों के अंबार लग गए और एक दिन में ही सोशल मीडिया इन कमियों से भर गया। एक खबर में बताया जा रहा है कि तेजबहादुर के 500 पाकिस्तानी दोस्त हैं फेसबुक पर। तो क्या ये मान लिया जाए सभी फेसबुक फ्रेंड असल जिंदगी में भी दोस्त होते हैं। हम में से बहुत सो की आईडी में पाकिस्तान से दोस्त जुड़े हैं। तो क्या ये सब भी पाकिस्तान का प्रोपोगंडा है? अगर नहीं तो तेजबहादुर यादव के खिलाफ ऐसी खबर करने को ही पत्रकारिता मान लिया जाए? किसी राजनीतिक पार्टी के डर का प्रोपोगैंडा न माना जाए?

क्या मोदी जी आम खाते हैं ?

एक खबर ये भी है कि तेज बहादुर यादव को बीएसएफ में दुर्व्यवहार और नशे में पाए जाने पर निकाला गया। लेकिन ये सब तेज बहादुर के खाने में शिकायत करने के बाद हुआ। उससे पहले क्यों कभी तेजबहादुर का व्यवहार खराब हुआ? क्या तेज बहादुर यादव का जारी किया गया वीडियो झूठा था? इसपर कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं होता।

जानिए, पीएम मोदी से लेकर राहुल गांधी तक कहां निवेश करते है अपना पैसा

दरअसल तेज बहादुर यादव को चुनाव मैदान में उतारकर सपा खुद को मुकाबले में लाने की स्तिथि में आई है। भले ही जीत न हो अगर तेज बहादुर पीएम के खिलाफ सम्मानजनक वोट भी ले आए तो ये बड़ी बात होगी। तेज बहादुर की बातों में दम है। उसके सवालों का जवाब भाजपा पर नहीं बन रहा। इसलिए उसकी छवि बिगड़ने का काम आईटी सेल को दिया गया हो ऐसा नजर आ रहा है। तेजबहादुर कहते हैं कि हमारा मुद्दे जवान, किसान और नौजवानों के रोजगार से जुड़े हैं। लोगों को ये जानना होगा कौन असली चौकीदार है। सीमा पर देश की रक्षा करने वाला या फिर उनकी शहादत का फायदा उठाने वाला।

“ये लेखक के निजी विचार हैं। इस आलेख में सभी सूचनाएं लेखक द्वारा दी गई हैं, जिन्हें ज्यों की त्यों प्रस्तुत किया गया हैं। इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति दस्तक इंडिया उत्तरदायी नहीं है।”

ताजा खबरें