पायलट अभिनव चौधरी की गलती क्या थी? कि उसने देश की रक्षा को अपना पेशा चुना?

अगर हम अपने युवा पायलटों को खो रहे हैं तो ये जायज नहीं है। ऐसे जाहजों को तुरंत रिटार्यड करना चाहिए। अभिनव अगर देश की रक्षा करते हुए शहीद होते तो ये उसके परिवार और इलाके के लिए गर्व का विषय होता।

Updated On: May 22, 2021 20:25 IST

Dastak

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अजय चौधरी

हमारी आदत होती है हम जब चौपहिया सीखने चलते हैं तो एक ऐसी पुरानी गाडी चुनते हैं जिसमें नुकसान होने पर हमें फर्क न पडे और बीच रास्ते में उसके बंद होने का गम न हो।

पुलिस वालों को भी जंगी हथियारों से ट्रेनिंग देने की खबर आती रहती है। इसलिए मुंबई में आतंकी हमला होने पर पुलिसकर्मियों पर शहीद होने के अलावा कोई रास्ता नहीं था, क्योंकि उनको असल ट्रैनिंग लठ चलाने की दी गई थी। लगता है हमारी वायुसेना भी ठीक ऐसा ही कर रही है, पायलटों को ऐसे ही जंग खाए वायुयानों से ट्रेनिंग दी जा रही है। कई बार ऐसे हादसे सामने आए हैं जिनमें देश के युवा खूनों ने अपनी जान गंवा दी है। हमें समझना होगा सडक पर गाडी का इंजन बंद हो जाए तो वो रोकी जा सकती है। लेकिन अगर हवा में जहाज का इंजन बंद हो जाए उसका मतलब मौत ही है।

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पायलट अभिनव चौधरी की गलती क्या थी? कि उसने देश की रक्षा को अपना पेशा चुना? जर्जर होते जाहजों की वजह से अगर हम अपने युवा पायलटों को खो रहे हैं तो ये जायज नहीं है। ऐसे जाहजों को तुरंत रिटार्यड करना चाहिए। अभिनव अगर देश की रक्षा करते हुए शहीद होते तो ये उसके परिवार और इलाके के लिए गर्व का विषय होता। लेकित बेमौत मरने पर अगर उसके पिता सवाल उठा रहे हैं और वायुसेना से मिग-21 को हटाने की मांग कर रहे हैं तो इसमें कुछ गलत नहीं है। उनकी मांग पर सरकार को गौर करना चाहिए, ताकि देश अपने युवा पायलटों को ऐसे ही न खोता रहे।

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