भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान सुनील छेत्री को उम्मीद, टॉप 10 एशियाई देशों में पहुंचेगा भारत

भारतीय फुटबाल टीम (Indian Football Team) के कप्तान सुनील छेत्री (Sunil Chhetri) ने कहा कि भारतीय टीम को एशियाई देशों के बीच टॉप 10 में जगह बनाने का लक्ष्य रखना चाहिए और युवा खिलाड़ियों को इसे वास्तविकता में बदलना होगा।

Updated On: Jun 19, 2020 19:43 IST

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भारतीय फुटबाल टीम के कप्तान सुनील छेत्री (Sunil Chhetri) ने कहा कि भारतीय टीम को एशियाई देशों के बीच टॉप 10 में जगह बनाने का लक्ष्य रखना चाहिए और युवा खिलाड़ियों को इसे एक वास्तविकता में बदलने के लिए कदम उठाना होगा। उन्होंने बताया कि यदि खिलाड़ियों का एक समूह अच्छा प्रदर्शन करता है, तो वे जूनियर्स के लिए उदाहरण पेश करते हैं, जिसके बाद वे अपने सीनियर्स से बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास करते हैं और इस पूरी प्रक्रिया में टीम को लगातार आगे बढ़ने में मदद मिलती है।

सुनील छेत्री टॉप 10 में देखना चाहते हैं भारतीय फुटबॉल टीम को-

एआईएफएफ टीवी के साथ लाइव चैट के दौरान सुनील छेत्री ने कहा कि वर्तमान भारतीय फुटबॉल में अगर आप चाहते हैं कि राष्ट्रीय टीम एशिया के टॉप 10 स्थानों में देखना चाहते है तो उन युवा खिलाड़ियों के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है कि वह बेहतर प्रदर्शन करें और सीनियर टीम में शामिल होने के बाद अच्छा प्रदर्शन दें।

भारतीय अंडर 16 टीम को एएफसी अंडर 16 (AFC U-16) चैंपियनशिप में एक कठिन ड्रॉ सौंपा गया है। बिबियानो फर्नांडीस की कोचिंग वाली भारतीय टीम ग्रुप सी में ऑस्ट्रेलिया, साउथ कोरिया और उज्बेकिस्तान जैसी कड़ी टीम से भिड़ेंगी। बात दें यह तीसरी बार है जब भारत ने सफलतापूर्वक एएफसी अंडर -16 चैम्पियनशिप में जगह बनाई है। ग्रुप के शीर्ष दो टीमें क्वार्टरफाइनल आगे बढ़ेंगी और चार सेमीफाइनलिस्ट को फीफा अंडर -17 वर्ल्ड कप पेरू 2021 का टिकट मिलेगा।

अंडर-16 टीम और भारतीय तीर अंदाजी के फैन है सुनील छेत्री-

उन्होंने कहा कि मैं पहले से ही अंडर-16 टीम और भारतीय तीर अंदाजी का फैन हूं। विशेषकर बिबियानो की अगुवाई में अंडर-16 टीम का बड़ा प्रशंसक हूं। वे वास्तव में एक अच्छी इकाई की तरह दिखते हैं। सुनील छेत्री ने आगे कहा कि उन्होंने वास्तव में अच्छा फुटबॉल खेली है और यह हर कदम के साथ सुधार करते हुए आगे बढ़ने के बारे में है। यह युवा खिलाड़ी पिछली टीम, जो 2018 एएफसी अंडर-16 के क्वार्टर फाइनल में पहुंची थी। उनसे बेहतर प्रदर्शन करना चाहेंगे।

टीम के प्रदर्शन से युवा खिलाडियों को अच्छी तैयारी करने में मिलती हैं मदद-

उन्होंने कहा उसी तरीके से जब यह टीम इस तरह के अच्छे परिणाम हासिल करती है, तो यह उन युवा खिलाड़ियों पर जोर डालता है, जो वर्तमान में अंडर-14 में खेल रहे हैं। जिसके बाद वह भी और बेहतर तैयारी करेंगे ताकि वे उनसे बेहतर परिणाम हासिल कर सकें। क्योंकि आप लगातार अपने लक्ष्य को बड़ा करना चाहते हैं।

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भारतीय टीम की ओर से सबसे अधिक इंटरनैशनल मैच खेलने वाले सुनील छेत्री ने 2017 में फीफा U-17 वर्ल्ड कप खेलने वाले खिलाड़ियों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि आपको उस आत्मविश्वास को देखना चाहिए कि सुरेश वांगजाम, नरेंदर गहलोत और अमरजीत सिंह जैसे खिलाड़ी सीनियर टीम में सबसे युवा और कम उम्र के खिलाड़ी हैं। उन्होंने कहा यह आत्मविश्वास एक खिलाड़ी से दूसरे खिलाड़ी में फैलता है और यही चीज मैं सीनियर टीम में देखना चाहता हूं।

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