IPL Auction 2021: जानें, कैसे होती है खिलाड़ियों की नीलामी? कैसे तय होता है बेस प्राइस?

IPL Auction 2021: इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League) ऑक्शन कल यानी 18 फरवरी को चेन्नई में होने जा रहा है। इस बार आईपीएल में नीलामी के लिए करीब 1097 खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जिसमें 814 भारतीय और 283 विदेशी खिलाड़ी हैं।

Updated On: Feb 17, 2021 18:11 IST

Dastak Online

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IPL Auction 2021: इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League) ऑक्शन कल यानी 18 फरवरी को चेन्नई में होने जा रहा है। इस बार आईपीएल में नीलामी के लिए करीब 1097 खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जिसमें 814 भारतीय और 283 विदेशी खिलाड़ी हैं। अब लोगों के मन में सवाल ये उठता है कि खिलाड़ियों की नीलामी कैसे होती है और कैसे ये तय किया जाता है कि कौन- सा खिलाड़ी किस टीम में शामिल होगा। आइये जानते हैं, खिलाड़ियों की नीलामी का पूरा प्रक्रिया...

खिलाड़ियों की लगती है बोली-

आईपीएल में खिलाड़ियों की नीलामी से पहले उनका एक बेस प्राइस तय किया जाता है। फिर उस बेस प्राइस से हर खिलाड़ी की बोली लगनी शुरू हो जाती है। जो भी टीम किसी भी खिलाडी के बेस प्राइस से ज्यादा कीमत लगाता है, तो वो खिलाड़ी उस टीम का हो जाता है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि कई फ्रेंचाइजी चाहती है कि वो खिलाड़ी उनकी टीम में होती है तो ऐसे में खिलाड़ी की बोली लगती है और जो भी टीम उसकी रकम सबसे ज्यादा तय करता है वो खिलाड़ी उसकी टीम में शामिल हो जाता है।

खिलाड़ी भी हो जाते हैं अनसोल्ड-

अगर किसी खिलाड़ी को कोई भी फ्रेंचाइजी अपनी टीम में शामिल नहीं करना चाहती है तो उस खिलाड़ी की बोली नहीं लगती है। और ऐसे खिलाड़ी अनसोल्ड हो जाते हैं। हालांकि, सभी खिलाड़ियों की नीलामी होने के बाद अनसोल्ड खिलाड़ियों का नाम फिर से लिया जाता है। टीमें उन्हें दूसरे दौर में ख़रीद सकती हैं।

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कैसे तय होता है बेस प्राइस-

हर खिलाड़ी का अपना एक बेस प्राइस होता है। और इसी बेस प्राइस से खिलाड़ी की नीलामी शुरू होती है। ये बेस प्राइस 2 करोड़ से ज्यादा और 10 लाख रुपये से कम नहीं होना चाहिए। सभी खिलाडियों का बेस प्राइस BCCI तय करता है। इसके अलावा, खिलाड़ी भी अपना बेस प्राइस तय कर सकते हैं।

खिलाड़ियों का बेस प्राइस तय करते समय कई बातों का ध्यान रखा जाता है जैसे उनकी परफॉर्मेंस हिस्ट्री, फैन फॉलोविंग, हालिया फॉर्म आदि। बता दें, कैप्ड और विदेशी खिलाड़ियों का बेस प्राइस ज्यादा होता है जबकि अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ियों का बेस प्राइस कम होता है।

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