National Sports Day: इस खास वजह से मनाया जाता है राष्ट्रीय खेल दिवस

आज राष्ट्रीय खेल दिवास (National Sports Day) है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर राष्ट्रीय खेल दिवास (National Sports Day) क्यों मनाया जाता है।

Updated On: Aug 29, 2020 09:58 IST

Dastak Web Team

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आज राष्ट्रीय खेल दिवास (National Sports Day) है। वैसे तो खेल हमारे शारीरिक और मानसिक विकास के लिए काफी जरूरी हैं। खेल खेलना लोगों को काफी पसंद भी होता है और हमारे देश में ऐसे कई खेल और खिलाड़ी है, जो लोगों की प्रेरणा बने रहते हैं। फिर चाहे वो उड़नपरी के नाम से मशहूर पी.टी उषा हो, मास्टर ब्लास्टर के नाम से मशहूर सचिन तेंदुलकर या ‘हॉकी के जादूगर’ के नाम से मशहूर मेजर ध्यान चंद हो। इन सभी ने खेल जगत में देश को गर्व करवाया है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर राष्ट्रीय खेल दिवास (National Sports Day) क्यों मनाया जाता है।

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दरअसल, हॉकी के जादूगर ध्यान चंद के जन्मदिन पर राष्ट्रीय खेल दिवस को सेलिब्रेट किया जाता है। भारत के महान् हॉकी खिलाड़ी 'मेजर ध्यानचंद सिंह' का जन्म 29 अगस्त, 1905 को इलाहबाद शहर में हुआ था। मेजर ध्यानचंद, हॉकी के इतने बेहतरीन खिलाड़ी थे कि अगर गेंद एक बार उनकी स्टिक में चिपक जाये तो गोल होना तय होता थ। यही कारण था कि एक बार खेल को बीच में रोककर उनकी स्टिक तोड़ कर देखा गया कि कहीं उनकी स्टिक में चुम्बक या कोई और चीज तो नही लगी है जो कि बॉल को चिपका लेती है। यही कारण है कि उनको हॉकी का जादूगर कहा जाता है।

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मेजर ध्यानचंद, तीन बार ओलम्पिक के स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के सदस्य रहे हैं; जिनमें 1928 का एम्सटर्डम ओलम्पिक, 1932 का लॉस एंजेल्स ओलम्पिक एवं 1936 का बर्लिन ओलम्पिक शामिल है. सन 1936 के बर्लिन ओलपिक खेलों में ध्यानचंद को भारतीय टीम का कप्तान चुना गया था। राष्ट्रीय खेल दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़े तौर पर मनाया जाता हैं। इसका आयोजन प्रति वर्ष राष्ट्रपति भवन में किया जाता हैं और देश के राष्ट्रपति; देश के उन खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल पुरस्कार देते हैं, जिन्होंने अपने खेल के उत्तम प्रदर्शन द्वारा पूरे विश्व में तिरंगे झंडे का मान बढ़ाया होता है।

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