दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा ट्वीटर को मानने होंगे भारत के नए आईटी नियम, जवाब के लिए तीन हफ्तों का वक्त

दिल्ली हाईकोर्ट ने साफ किया है कि भारत सरकार द्वारा बनाए गए नए आईटी एक्टों पर किसी भी कोर्ट ने कोई रोक नहीं लगाई है। इसलिए ट्वीटर को इन नियमों को मानना होगा।

Updated On: Jun 1, 2021 13:08 IST

Ajay Chaudhary

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दिल्ली हाईकोर्ट ने साफ किया है कि भारत सरकार द्वारा बनाए गए नए आईटी एक्टों पर किसी भी कोर्ट ने कोई रोक नहीं लगाई है। इसलिए ट्वीटर को इन नियमों को मानना होगा। न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने वकील अमित अचार्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा ये बात कही है। याचिकाकर्ता वकील ने कहा था कि कंपनी नए आईटी नियमों को नहीं मान रही है।

कंपनी ने ट्वीटर को इस याचिका का जवाब देने के लिए तीन हफ्तों का समय दिया है। याचिका में कहा गया है कि 25 मई से लागू हुए नए आईटी नियमों को कंपनी ने अभी तक लागू निया किया है। जोकि अब कानून का रुप धारण कर चुके हैं।

ट्वीटर के वकील सज्जन पूवाया ने कोर्ट को बताया कि कंपनी ने नियमों के मुताबिक 28 मई को शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्ती कर दी है। वहीं केंद्र ने कहा कि केवल फेसबुक और व्हाट्सएप्प ने ही उनके तीन अलग शिकायतकर्ता अधिकारी नियुक्त करने के नियम का पालन किया है। ये नियम सोशल मीडिया कंपनी को पहले के मुकाबले अधिक जवाबदेह और उत्तरदायी बनाएंगे।

कोर्ट ने ट्वीटर के वकील को सभी जानकारी हलफनामे पर देने और मामले की सुनवाई छह जुलाई को तय करने की बात कही है। केंद्र और ट्वीटर के बीच ट्वीटर द्वारा बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा के ट्वीट को मेन्यूपुलेटिड मीडिया की केटैगरी में रखने के बाद विवाद गहरा गया है।

पिछले सप्ताह दिल्ली पुलिस ने इस संबध में ट्वीटर के कार्यालयों पर छापेमारी की थी। पुलिस ट्वीटर को नोटिस देने गई थी। वहीं कांग्रेस इस सब को बदले की कार्यवाही के रुप में देख रही है। संबित पात्रा ने कोरोना पर एक टूलकिट ट्वीटर पर पोस्ट की थी जिसे उन्होंने कांग्रेस की बताया था।

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वहीं ट्वीटर नए नियमों को पूरी तरह लागू करने के लिए तीन हफ्तों का समय भारत सरकार से मांग चुका है।

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