25 नवंबर से लागू होंगे फर्जी ऑनलाइन समीक्षाओं का मुकाबला करने के लिए दिशानिर्देश

उपभोक्ता मामले के सचिव रोहित कुमार ने 21 नवंबर को बताया , कि होटल और यात्रा बुकिंग प्लेटफार्म के साथ-साथ ई-कॉमर्स वेबसाइट पर नकली समीक्षा और फर्जी रेटिंग की जांच करने के लिए दिशानिर्देश 25 नवंबर से लागू होंगे।

Updated On: Nov 22, 2022 17:06 IST

Dastak Web Team

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जूली चौरसिया

उपभोक्ता मामले के सचिव रोहित कुमार ने 21 नवंबर को बताया , कि होटल और यात्रा बुकिंग प्लेटफार्म के साथ-साथ ई-कॉमर्स वेबसाइट पर नकली समीक्षा और फर्जी रेटिंग की जांच करने के लिए दिशानिर्देश 25 नवंबर से लागू होंगे। रोहित सिंह ने कहा कि उपभोक्ता मामलों के विभाग ने फर्जी समस्याओं की जांच पड़ताल के लिए ढांचे को आखिरी रूप दिया था।

उन्होंने बताया कि आई एम मानक के आधार पर स्वैच्छिक (अपनी मर्जी से) होगा। लेकिन अगर समस्या बनी रही या खत्म नहीं हुई , तो उन्हें जरूरी बनाया जा सकता है। रोहित सिंह का कहना है कि "भारत इस तरह के दिशानिर्देशों के साथ आने वाला पहला देश है। इसको आखिरी रूप सार्वजनिक परामर्श के 30 दिनों के बाद दिया गया है"। यह दिशानिर्देश ई-कॉमर्स के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी लागू होंगे।

सिंह ने आगे बताया कि "पहले हम इन दिशानिर्देशों को उद्योग के लिए स्वैच्छिक बनाएंगे। ताकि वह खुद को श्रेणी बंद कर सकें यदि फर्जी समीक्षाओं का खतरा बना रहता है। तो सरकार उन्हें जरूरी करने पर विचार करेगी"। कोई भी संगठन जो ग्राहकों की समीक्षाओं को ऑनलाइन प्रकाशित करता है। जिसमें सेवाओं और उत्पादों के आपूर्तिकर्ता (सप्लायर) शामिल है , या फिर सप्लायर से संबंधित एक तीसरा पक्ष या एक स्वतंत्र तीसरा पक्ष दिशानिर्देशों के तहत कवर किया जाएगा।

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सरकार ने कहा कि ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर की गई समीक्षाओं पर ग्राहक बहुत भरोसा करते हैं।क्योंकि वह उत्पाद को भौतिक रूप से देखने या उसकी जांच के अवसर के बिना ही खरीदारी करते हैं। इसीलिए ई-कॉमर्स के ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए ढांचा तैयार किया गया है।

क्या हैं ये दिशानिर्देश ?

यदि ई-कॉमर्स कंपनीयां नकली समीक्षाएं पोस्ट करती है, तो इन दिशानिर्देशों के तहत ई-कॉमर्स कंपनियों पर 10 लाख से लेकर 50 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। पहले यह दिशानिर्देश स्वैच्छिक होंगे , परंतु यदि ई-कॉमर्स कंपनियां फिर भी नहीं मानी तो यह जरूरी कर दिए जाएंगे।

क्यों जा रही हो रहे हैं यह दिशानिर्देश?

उपभोक्ता मामलों के विभाग को बहुत सी शिकायतें मिल रही थी। कि ई-कॉमर्स कंपनियां फर्जी उत्पाद समीक्षा पोस्ट कर रहे हैं। जिसकी वजह से ग्राहकों को बहुत सी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि ग्राहक समीक्षा को देखकर ही उत्पाद की क्वालिटी पर भरोसा करते हैं। इन्हीं शिकायतों को देखते हुए यह दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।

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