आख़िर डिजिटल Rupee से किस तरह अलग है यूपीआई?

आरबीआई ने चार शहरों में डिजिटल करेंसी का पहला चरण गुरुवार को लॉन्च कर दिया है। आरबीआई के इस पायलट प्रोजेक्ट में चार बैंक एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, यस बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शामिल हैं।

Updated On: Dec 4, 2022 21:33 IST

Dastak Web Team

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चार शहरों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर आरबीआई ने डिजिटल रुपए को 1 दिसंबर, 2022 गुरुवार को लांच किया। जिसमें पहले चरण के रुपए को दिल्ली, मुंबई, बेंगलूर और भुवनेश्वर में शुरू किया गया है। फिलहाल डिजिटल के ट्रायल के लिए सीमित उपयोगकर्ताओं को ही चुना गया है। इसके अंतर्गत एसबीआई, आईसीआईसीआई, यस बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को शामिल किया गया है। इन बैंकों के साथ ही ग्राहक और व्यापारी भी डिजिटल रुपए में लेनदेन कर सकते हैं। बैंक एक्सपर्ट संजय कुमार का कहना है कि डिजिटल करेंसी में जब दो लोगों के बीच लेनदेन की प्रक्रिया होगी, तो इसकी जानकारी गुप्त रहेगी।

किसी भी अन्य को इसकी जानकारी नहीं होगी, इसका मतलब यह है कि एनोनिमिटी बनी रहेगी। जो कि आजकल की नेट बैंकिंग, वॉलेट बैंकिंग या फिर किसी अन्य पेमेंट एप में नहीं होता है। अभी के आनलाइन पेमेंट एप्स में आपके पेमेंट की जानकारी आपको और दोनों बैंकों को होती है और कभी-कभी तो गलत खाते में पेमेंट हो जाने की संभावना भी बनी रहती है। डिजिटल करेंसी में ब्लैक मनी की संभावना नहीं होगी क्योंकि वॉलेट में रुपयों के लेन-देन का लेखा-जोखा बना रहेगा। जिससे रुपयों का लेन-देन अब सुरक्षित हो जाएगा।

कैसा होगा ई- रुपया 

आरबीआई के अनुसार ई-रूपया डिजिटल टोकन पर आधारित होगा। जिसे केवल केंद्रीय बैंक ही जारी कर सकता है, इसका मूल्य भी बैंक के नोटों के समान ही होगा। डिजिटल रूपए का इस्तेमाल पर्सन-टू-पर्सन और पर्सन-टू-मर्चेंट किया जा सकता है।

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यूपीआई से कैसे अलग है डिजिटल करेंसी?

यूपीआई के लिए बैंक खाते में नोट का होना जरूरी है लेकिन डिजिटल करेंसी में बैंक खाते का होना जरूरी नहीं है। आप सीधे अपने ई- वॉलेट में ई- रुपए का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लेनदेन का ब्यौरा भी सुरक्षित होगा और धोखाधड़ी का जोखिम कम हो जाएगा। यूपीआई को अलग-अलग बैंक हैंडल करते हैं, जबकि डिजिटल करेंसी को सीधा आरबीआई द्वारा ऑपरेट और मॉनिटर किया जाएगा। आप डिजिटल करेंसी को नकदी में भी बदल सकते हैं। डिजिटल रूपी पर कोई ब्याज दर भी नहीं है। यह कैश का इलेक्ट्रॉनिक रूप है। बैंकों के माध्यम से उपलब्ध ऐप, मोबाइल फोन और डिवाइस में स्टोर डिजिटल वॉलेट के जरिए अब आप ई- करेंसी का लेन-देन कर सकते हैं।

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