Twitter ने कहा वो भारत में अभिव्यक्ति की आजादी और अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है

Twitter ने भारत में अपने कर्मचारियों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर चिंता जाहिर की है। टूलकिट मामले में ट्वीटर का ये बयान सामने आया है।

Updated On: May 27, 2021 16:06 IST

Dastak

Photo Source- Pixabay

सोशल मीडिया की बडी कंपनी ट्वीटर (Twitter) ने भारत में सत्तापक्ष पार्टी भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस के बीच चल रहे टूलकिट विवाद  (Toolkit Dispute) मसले में गुरुवार को अपना बयान जारी किया है। ट्वीटर ने कहा है कि वो भारत में अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। दिल्ली पुलिस ट्वीटर के दिल्ली और गुडगांव स्थित दफ्तर पर छापेमारी करने पहुंच गई थी। जिसपर ट्वीटर इंडिया के कर्मचारियों ने कंपनी के हेडक्वाटर को सूचित किया था। जिसके बाद कंपनी की तरफ से ये बयान सामने आया है।

नया आईटी एक्ट लागू करने का प्रयास करेंगे-

ट्वीटर ने ये भी कहा है कि वो भारत सरकार के साथ रचनात्मक बातचीत जारी रखेंगे और भारत में लागू हुए नए आईटी कानूनों को लागू करने का प्रयास करेंगे। गौरतलब है कि ट्वीटर ने टूलकिट मामले में बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा के ट्वीट को मेन्युप्युलेटेड मीडिया करार दिया था। जिसपर दिल्ली पुलिस एक्शन में आ गई थी और बीजेपी प्रवक्ता का ट्वीट कैसे मेन्युप्युलेटेड है ये जानने का प्रयास करने के लिए ट्वीटर को नोटिस थमाने के लिए उसके दफ्तरों पर छापेमारी कर रही थी। लेकिन कोरोना के कारण पुलिस को ट्वीटर के स्थानीय दफ्तर बंद मिले थे।

कर्मचारियों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की आजादी पर की चिंता जाहिर-

इस घटनाक्रम पर ट्वीटर की तरफ से बयान जारी किया गया है। बयान में ट्वीटर की तरफ से कहा गया है कि हम भारत में हुई हाल ही की घटनाओं को देखकर वहां अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंतिंत हैं। कंपनी के अनुसार वो अभिव्यक्ति की आजादी पर काम करती रही है, इन घटनाओं से अभिव्यक्ति पर भी खतरा मंडराने की आशंका बन गई है, जो उनके लिए अब चिंता का विषय है।

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दिल्ली पुलिस ने क्यों की थी छापेमारी-

ट्टीटर इंडिया को दिल्ली पुलिस द्वारा कांग्रेस की तथाकथित कोविड टूलकिट के संबध में कानूनी नोटिस भेजा गया है। पुलिस के अनुसार वे ट्वीटर के दफ्तर इसलिए गई थी ताकि उन्हें ये पता चल सके कि यहां नोटिस थमाने के लिए उपयुक्त व्यक्ति कौन है। पुलिस के अनुसार वे ट्वीटर के जवाब से संतुष्ट नहीं थे इसलिए उन्हें ऐसा करना पड़ा था। पुलिस जानना चाहती थी कि ट्वीटर के पास वो कौनसी सूचना है जो पुलिस के पास नहीं है और उसने किस आधार पर संबित पात्रा के ट्वीट को मेन्यूपुलेटेड करार दिया है।

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