कोविड-19 महामारी ने हज यात्रा को किया प्रभावित, हज अर्जीदरों की तादाद घटी

कोविड-19 महामारी ने हज यात्रा को स्पष्ट रूप से प्रभावित किया है। पिछले साल हज यात्रा करने के लिए उत्तर प्रदेश से जहां 29 हजार लोगों ने आवेदन किया था, वहीं इस साल केवल 3,200 आवेदन आए हैं।

Updated On: Dec 8, 2020 16:20 IST

Dastak Web 1

Photo Source: Google

कोविड-19 महामारी ने हज यात्रा को स्पष्ट रूप से प्रभावित किया है। पिछले साल हज यात्रा करने के लिए उत्तर प्रदेश से जहां 29 हजार लोगों ने आवेदन किया था, वहीं इस साल केवल 3,200 आवेदन आए हैं। 2021 की हज यात्रा के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन 7 नवंबर से शुरू हुए थे जिसके लिए अंतिम तिथि 10 दिसंबर है। अधिकारियों ने कहा है कि इस साल हज आवेदनों की कम संख्या के लिए महामारी एक प्रमुख कारण है। इस साल एक भी महिला ने 'बिना मेहरम' (केवल महिला समूह) की श्रेणी के तहत आवेदन नहीं किया है। जबकि इस श्रेणी के तहत 3 महिलाएं एक समूह के तौर आवेदन कर सकती हैं। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने ऐसी महिलाओं के लिए 500 सीटें आरक्षित की हैं।

कोविड का हज यात्रा पर बड़ा प्रभाव पड़ा है

सऊदी अरब में कितने तीर्थयात्रियों को यात्रा की अनुमति दी जाएगी यह अब तक फाइनल नहीं हुआ है। लिहाजा, राज्यों का कोटा भी अभी तक तय नहीं किया गया है। ऐसे में अगले साल उत्तर प्रदेश से मक्का और मदीना की कितने तीर्थयात्री यात्रा करेंगे, इस बारे में कोई नहीं जानता है। हालांकि राज्य हज समिति के सचिव राहुल गुप्ता ने कहा, "हज के लिए हम अधिक से अधिक संख्या में तीर्थयात्रियों को भेजना चाहते हैं लेकिन कुछ चीजें हमारे हाथ में नहीं हैं। हम उत्तर प्रदेश के कोटे पर टिप्पणी नहीं कर सकते क्योंकि संख्या को लेकर हम अभी भी निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि कोविड का हज यात्रा पर बड़ा प्रभाव पड़ा है और उप्र में हज के लिए बोर्डिग पॉइंट की संख्या पहले ही कम कर दी गई है।

कोरोना संक्रमण के बीच एक रहस्यमयी बीमारी ने दी दस्तक, कीटनाशक से बीमार हुए लोग?

इस साल वाराणसी से कोई हज के लिए कोई फ्लाइट नहीं रहेगी। पूरे देश में हज यात्रा के लिए बोर्डिग पॉइंट की संख्या 21 से घटाकर 10 कर दी गई है। वैसे इस कमी के पीछे वजह हज यात्रियों के कोटे में कमी की ओर इशारा करता है। उत्तर प्रदेश के तीर्थयात्री लखनऊ या दिल्ली से हज की उड़ान ले सकते हैं। हज अधिकारियों ने कहा कि कोविड के दिशानिर्देशों के कारण केवल 15 तीर्थयात्रियों को 45 सीटर बस में बैठने की अनुमति दी जाएगी और होटल के एक कमरे में तीर्थयात्रियों की संख्या पहले के 6 की बजाय अब केवल 2 रहेगी। लिहाजा इस साल हज का खर्च भी बढ़ जाएगा। सऊदी अरब सरकार ने 300 रियाल का वीजा शुल्क लगाया है जो भारतीय मुद्रा में 2,600 रुपये है। अनुमान के मुताबिक, एक तीर्थयात्री के लिए इस बार हज पर 3.79 लाख से 5.25 लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है।

--आईएएनएस

एसडीजे/एसजीके

ग्वालियर : कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के आवास पर विरोध प्रदर्शन

ताजा खबरें