अयोध्या में राम की पैड़ी का नहीं है कोई एतिहासिक महत्व? यहां पहले परिक्रमा मार्ग था?

अयोध्या में राम की पैड़ी को दिल्ली मीडिया ने सरयू का घाट बताया और इसकी धारा को निर्मल धारा बता इसके एतिहासिक महत्व का भी जिक्र किया। लेकिन सरयू की धारा इसके पूर्व दिशा में बह रही है।

Updated On: Aug 14, 2020 08:05 IST

Dastak

राम की पैड़ी, अयोध्या (Dastak Photo)

अयोध्या में बीते पांच अगस्त को राम मंदिर की नींव रखी गई, इस दौरान राम की पैड़ी को सरयू नदी का किनारा बता वहां भव्य कार्यक्रम किया गया, अच्छी लाइटिंग के साथ वहां तीन लाख से अधिक दीप प्रज्वलित किए गए। दिल्ली मीडिया ने इसे सरयू का घाट बताया और इसकी धारा को निर्मल धारा बता इसके एतिहासिक महत्व का भी जिक्र किया। लेकिन सरयू की धारा इसके पूर्व दिशा में बह रही है। सरयू के घाट पर लोग मान्यताओं के अनुसार अपने पाप धोने के लिए स्नान भी करते हैं। नित्य सरयू माता की आरती भी होती है। लेकिन राम की पैड़ी पर ऐसा कुछ होता नजर नहीं आता।

दस्तक इंडिया की टीम जब भव्य कार्यक्रम के बाद वहां पहुंची तो हमने पाया कि वहां का जल निर्मल नहीं है। वहां के जल में सरयू की निर्मल धारा बह ही नहीं रही है। ये एक थमा हुआ जल था और इसे साफ करने के लिए लगाया गया पंप भी उस वक्त काम नहीं कर रहा था। दूसरी तरफ सरयू के असल घाट पर लोग आस्था की डूबकी लगा रहे थे और पूजा पाठ भी कर रहे थे।

sarayu river ghat in ayodhya
अयोध्या में ये है सर्यू नदी का असल घाट (Dastak Photo)

हमने ये भी पाया कि 26 अक्टूबर 2019 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम की पैड़ी के जीर्णोद्धार के कार्य का लोकार्पण किया जिसमें उसे बनारस जैसा रुप देने की कोशिश की गई थी। हमने वहां लगे वृक्षों का भी अवलोकन किया। उनके ट्री गार्ड पर सफेद रंग सरकार ने पोत रखा था। लेकिन जब हमने ध्यान से पढ़ने की कोशिश की तो उनपर लिखा मिला कि माननीय मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की प्रेरणा से परिक्रमा मार्ग पर परिजात एंव देव वृक्षों का रोपण किया गया।

जिससे ये भी कहा जा सकता है कि सपा के राज में यहां परिक्रमा मार्ग होता था और अब यहां केवल राम की पैड़ी है। परिक्रमा मार्ग पर कहीं पर्दा सा डाल दिया गया है। हमने इस खबर की वीडियो भी बनाई है जिसे नीचे लगाया गया है आप देखिए-

 

ताजा खबरें