राजस्थान मंत्री शंभू सिंह खेतरसर की एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें वो खुले में दीवार के पास पेशाब करते दिख रहे हैं। तस्वीर में वो मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के एक पोस्टर पर ऐसा करते दिख रहे हैं। यह घटना रविवार को अजमेर में बीजेपी रैली स्थल के पास हुई थी।
शंभू सिंह जो राजस्थान राज्य बीज निगम के अध्यक्ष हैं उन्होने खुद के बचाव मे बड़ी ही बेतुकी सी बात कही है। उनका कहना है कि खुले में पेशाब करना “पुरानी परंपरा” थी और यह भी दावा किया है कि पेशाब अकेले ही अशुद्धता में योगदान नहीं देता है। स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) साइट के आंकड़ों के मुताबिक, मंत्री की टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब राजस्थान के 33 जिलों में से 27 जिलों को ओपन-टॉयलेट मुक्त घोषित किया है।
मंत्री ने बीजेपी पोस्टर के पास पेशाब करने से इंकार कर दिया है और कहा कि यह एक दूरी पर था और उसने ध्यान नहीं दिया। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि उन्हें खुले में पेशाब करने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि चुनाव में एक किलोमीटर तक कोई टॉयलेट नहीं था। खुद को सही साबित करने की होड़ में खेतसर ने यह भी कहा कि उनके इस एक्शन से नरेंद्र मोदी सरकार के स्वच्छ भारत मिशन पर कोई असर नही पड़ेगा क्योंकि उन्होने अलग जाकर पेशाब किया है ना कि एक भीड़ वाले इलाके में।
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