भीड द्वारा मारे गए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार का बेटा बोला और कितने पिता हिंदू-मुस्लिम हिंसा का शिकार होंगे

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Abhishek son of inspector subodh kumar bulandsher
ANI Photo

बुलंदशहर में भीड द्वारा मारे गए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के बेटे अभिषेक ने मीडिया को बताया कि मेरे पिता चाहते थे कि मैं एक अच्छा नागरिक बनूं जो धर्म के नाम पर हिंसा को भड़काता न हो। आज मेरे ही पिता ने इस हिंदू मुस्लिम हिंसा में अपना जीवन खो दिया। कल किसके पिता अपना जीवन खोएंगे?

 

वहीं इंस्पेक्टर सुबोध कुमार का पार्थिव शरीर राजकीय सम्मान के साथ एटा में उनके घर पर पहुंच गया है। शव को पुलिस वैन में लाया गया है। तिरंगे में लिपटे हुए सुबोध कुमार को उनके साथी पुलिसकर्मी तिरंगे में लपेटकर उनके घर लेकर पहुंचे।

 

 

आपको बता दें कि  बीतेदिन उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर में 25 गायों की हत्या के आरोप में गुस्साई भीड़ ने गुस्से में एक पुलिस अधिकारी की हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में हिंदुवादी संगठन के कार्यकर्ता को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में दो एफआईआर भी दर्ज की है जिसमें से एक एफआईआर गाय काटने को लेकर दर्ज की गई है। यो एफआईआर योगेशराज की शिकायत पर दर्ज की गई है जो हिंदुवादी संगठन बजरंग दल का जिला संयोजक है।

बुलंदशहर इंस्पेक्टर हत्या मामले में बजरंग दल का जिला संयोजक योगेशराज गिरफ्तार

दूसरी एफआईआर पुलिस ने सब इंस्पेक्ट की शिकायत पर हिंसा फैलाने के आरोप में दर्ज की है जिसमें योगेशराज को ही मुख्यआरोपी बनाया गया है। मामले में बीजेपी युवा स्याना नगर के अध्यक्ष शिखर अग्रवाल, वीएचपी कार्यकर्ता उपेंद्र राघव को भी नामजद किया गया है। बजरंग दल के योगेशराज ने ही 25 गायों शवों की जंगल में पडे होने की शिकायत दी थी। जंगल में गायों के शवों की खोज के बाद वहां जमा भीड ने सैंकडों की संख्या में आए पुलिसबल पर पथराव किया और उनकी गाडियों को आग के हवाले कर दिया।

 

अनियंत्रित भीड को काबू करने की कोशिश कर रहे को इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के सर में पत्थर मारा गया जिससे वो घायल हो गए। जैसे ही उनके कार चालक ने उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश की भीड ने कार का पीछा किया और पुलिस अधिकारी को मैदान में रखकर गोली मार दी। मारे गए पुलिसअधिकारी के ड्राईवर ने ये जानकारी मीडिया को दी है। ड्राईवर के अनुसार वो अपनी जान बचाने के लिए कार छोडकर भाग निकले क्योंकी उन्हें नहीं पता था कि भीड उनके साथ क्या करेगी। एक स्थानीय नागरिक भी भीड़ की इस हिंसा में मारा गया।

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