लोग गोलगप्पें (पानीपूरी) लोग बड़े चाव से खाते है। पानी पूरी की दुकाने भी कहीं भी आसानी से मिल जाती है। गुजरात के वडोदरा में महानगर पालिका ने पानीपूरी (गोलगप्पा) पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस मामले में वडोदरा नगर पालिका का कहना है कि पानीपूरी को साफ तरीके से नहीं बनाया जाता है। पानीपूरी साफ सफाई से न बनने के कारण इसको खाने से लोग बीमार पड़ रहे है। जब तक स्थिति ठीक नहीं होगी तब तक पानीपूरी बंद रहेगी।
महानगर पालिका के आरोग्य विभाग के माध्यम से वड़ोदरा के हाथीखाना, नवायार्ड, तुलसीवाड़ी, वारसिया, खोडियारनगर समेत इलाकों में 50 से ज्यादा पानीपूरी बनाने वाले यूनिटों पर जांच की कराई गई थी। इसके बाद 4000 किलो पूरी, 3350 किलो आलू चने, 20 किलो तेल, 1200 लीटर पूरी के साथ दिए जाने वाले पानी को फेंक दिया गया है।
हाइजेनिक कंडीशन मेंटेन ना होने पाने के कारण व्यापारियों को नोटिस दी गई है। जब तक पानी से फैलने वाली बीमारी पर काबू नहीं पाया जाता तब तक पानी पूरी के व्यापार पर प्रतिबंध लगा रहेगा। पिछले 20 दिनों के दौरान कॉर्पोरेशन के आरोग्य विभाग द्वारा 1700 किलो चिकन, पानीपूरी, चना, आलू, नूडल्स समेत कई खाने के पदार्थो को नष्ट किया गया है। इसके साथ ही 3200 लीटर पानीपूरी के पानी को भी नष्ट किया गया है।
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