यदि आप भी बेबी हेल्थ केयर प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson & Johnson) का इस्तेमाल करते है तो हो जाइये सावधान। जी हां, जॉनसन एंड जॉनसन का शैम्पू स्टैन्डर्ड क्वालिटी के टेस्ट में फेल हो गया है।
न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, राजस्थान ड्रग कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन ने आर. शर्मा ने कहा, ‘हमने दवाओं और सौंदर्य प्रसाधनों पर फ़रवरी में परीक्षण किया, जिसमें जॉनसन एंड जॉनसन के बच्चे के शैम्पू के 2 बैच शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कॉस्मेटिक के नमूने में एक हानिकारक घटक पाया गया है। नियंत्रण अधिकारी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे, फिर हम स्थानीय निर्माता को नोटिस भेजेंगे।’
R Sharma,Drug Controller Rajasthan:We did testing in Feb,on drugs&cosmetics, including,2 batches of Johnson&Johnson’s baby shampoo. Report states,sample of cosmetic contains a harmful ingredient.Drug Control officer will submit report, then we'll send notice to local manufacturer pic.twitter.com/SJkHUxgS5P
— ANI (@ANI) April 1, 2019
खबरों की माने तो, जॉनसन एंड जॉनसन शैम्पू के 2 बैच में गड़बड़ी पाई है। इस शैंपू में हानिकारक फार्मेल्डिहाइड होने की रिपोर्ट है। राजस्थान ड्रग रेगुलेटर ने इस शैम्पू के 2 बैच – ‘BB58204’ और ‘BB58177’ को टेस्ट किया था। ये शैम्पू सितंबर 2021 में एक्सपायर हो जाएंगे।
बता दे कि राजस्थान ड्रग्स वॉचडॉग ने ड्रग्स कंट्रोल अफसर से नोटिस में कहा कि इन स्टॉक्स को किसी के भी द्वारा इस्तेमाल ना किया जाए। साथ ही मौजूदा स्टॉक को मार्केट से हटाया जाए। इसके अलावा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 के तहत जो भी एक्शन लिया जा सकता है वो लिया जाए। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 के तहत अगर राजस्थान ड्रग रेगुलेटर चाहे तो वो जॉनसन एंड जॉनसन पर मुकदमा भी चला सकती है।
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वहीं, जॉनसन एंड जॉनसन ने भी इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखा। उसने जॉनसन एंड के जॉनसन के बेबी शैम्पू में फार्मेल्डिहाइड होने की रिपोर्ट से इंकार किया।
खबरों की माने तो, 2018 में अमेरिका में कुछ महिलाओं में जॉनसन एंड जॉनसन बेबी पाउडर की वजह से ओवेरियन (गर्भाशय) कैंसर के लक्षण मिले थे। मामला जब कोर्ट में पहुंचा तो महिला के वकीलों ने कहा कि उनके क्लाइंट को बेबी पाउडर में मौजूद अस्बस्ट्स की वजह से ओवेरियन कैंसर हुआ है। वकीलों का कहना है कि बेबी पाउडर में अबस्टस की मौजूदगी साल 1970 से प्रमाणित है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने 22 पीड़ित महिलाओं को 4.69 अरब डॉलर मुआवजे का आदेश दिया था।
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