Patna Metro रेल प्रोजेक्ट में पहली बार सुरंग खोदने का काम शुरू हुआ, चार्ट पैनल बोरिंग मशीनों में से 1 को हाल ही में जमीन में उतारा गया। जानकारी के मुताबिक महावीर नाम के TBM (Tunnel Boring Machine) को सतह (Surface) से 16 मीटर नीचे Moin-Ul-Haq मेट्रो स्टेशन की जगह उतारा गया। पटना विश्वविद्यालय स्टेशन की ओर TBM की ड्राइव लंबाई 1,494 मीटर होगी। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 17 फरवरी 2019 को इस प्रोजेक्ट की नींव रखी गई थी, यह प्रोजेक्ट 13,365 करोड़ रुपए की अनुमानित (Estimated) लागत से बनाई जा रही है और इसे दो भागों में बनाया जाएगा। पहला कॉरिडोर दानापुर से मीठापुर तक चलेगा, दूसरा कोर्ट रेलवे स्टेशन से न्यू ISBT के बीच चलेगा।
Tunnel Boring Machine-
TBM (Tunnel Boring Machine) का वजन लगभग 450 मेगाटन है और इसे चाइना रेलवे कंस्ट्रक्शन हेवी इंडस्ट्री कॉरपोरेशन लिमिटेड (CRCHI) द्वारा डिजाइन किया और बनाया गया है। इसकी लंबाई लगभग 95 मीटर है और इसके आगे का कटा हुआ हिस्सा लगभग 9 मीटर लंबा है, ये मशीन 6.65 मीटर के व्यास वाली सुरंग को खोदने में सक्षम है। मशीन के अलग-अलग भागों में कटरहेड जोड़े गए हैं, जो चट्टानों को Decomposed करने के लिए लगाए गए हैं। मशीनों के आगे, पीछे और मध्य में ढाल इसे ढ़हने वाले मलवे और तलछट (Sediment) से बचाती है ,यह Backup Gentries से भी लैस है।
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3 महीने में पूरा होने की उम्मीद-
कॉरिडोर का पहला चरण पूरा होने के बाद बोरिंग मशीनों को पटना जंक्शन की ओर 14,000 मीटर की सुरंग खोदने के लिए गांधी मैदान में उतारा जाएगा। सुरंग खोदने का काम अगले 3 महीने में पूरा होने की उम्मीद है, पूरा कॉरिडोर 14.5 किलोमीटर लंबा होगा। यह कॉरिडोर 2025 तक बनकर तैयार हो जाएगा, यह प्रोजेक्ट दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन द्वारा शुरू की जा रही है। DMRC के निदेशक दलजीत सिंह ने हाल ही में अधिकारियों से प्रोजेक्ट में तेजी लाने के लिए कहा है, सिंह आकाशवाणी, गांधी मैदान, PMCH और पटना विश्वविद्यालय के साथ कॉरिडोर 2 के चार Underground स्टेशनों पर प्रगति का निरीक्षण (Monitoring) कर रहे थे।
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