उत्तराखंड के बीच छुपा है एक ऐसा रत्न जो अब तक ज्यादा लोगों की नज़रों में नहीं आया — कणासर (Kanasar)।
Contents
कणासर कहां स्थित है?
उत्तराखंड के चकराता क्षेत्र से लगभग 27 किलोमीटर दूर स्थित है। यह जगह समुद्र तल से लगभग 2,700 मीटर की ऊँचाई पर है और घने देवदार के जंगलों से घिरी हुई है।
क्यों जाएं कणासर?
- यह स्थान उन लोगों के लिए आदर्श है जो भीड़-भाड़ से दूर, शांति और प्रकृति की गोद में कुछ दिन बिताना चाहते हैं।
- यहां का कणासर जंगल एशिया के सबसे घने देवदार वनों में से एक माना जाता है। कुछ पेड़ 6 मीटर तक चौड़े हैं!
- जंगल के बीच में एक खुला मैदान है जहां कैंपिंग की जा सकती है, और सुबह-सुबह पक्षियों की चहचहाहट और कोहरे से ढका वातावरण बेहद सुकूनदायक होता है।
क्या करें कणासर में?
- ट्रेकिंग और जंगल वॉक
- कैंपिंग और बोनफायर
- फोटोग्राफी – खासतौर पर सूर्योदय और सूर्यास्त का दृश्य बेहद आकर्षक होता है।
- पास में स्थित बुधेर गुफाएं (Budher Caves) भी एक छोटा एडवेंचर ट्रिप बन सकती हैं।
रहने की व्यवस्था
यहां पर कुछ स्थानीय होमस्टे और कैंपिंग साइट्स उपलब्ध हैं, लेकिन पहले से बुकिंग करवाना बेहतर होगा क्योंकि यह इलाका अभी मुख्यधारा का टूरिस्ट हब नहीं है।
कैसे पहुंचे कणासर?
- नजदीकी शहर: देहरादून (लगभग 90 किमी)
- देहरादून से चकराता तक टैक्सी या बस ली जा सकती है।
- चकराता से कणासर के लिए लोकल वाहन या खुद की गाड़ी बेहतर विकल्प है।
कब जाएं?
मार्च से जून और फिर सितंबर से नवंबर तक का समय सबसे अच्छा है। मानसून में यहां की हरियाली अपने चरम पर होती है।
