दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स में रूटीन चेकअप के लिए लाए गए पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी का हाल जानने के लिए कल देर शाम तक कई नेता पहुंचे थे। एम्स ने आज एक बयान में कहा है, “पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालात में अब काफी सुधार है। उनको एंटीबायोटिक्स पर रखा गया है। उनका यूरीन इनफैक्शन फिलहाल कंट्रोल में नहीं है।
एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया की देखरेख में चिकित्सकों का एक दल उनके टेस्ट कर रहा है।” बता दें कि गुलेरिया पलमोनोलॉजिस्ट हैं और कई सालों से वाजपेयी के निजी चिकित्सक रहे हैं। अटल की तबीयत खराब होने की खबर लगते ही कल कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी उन्हें देखने सबसे पहले एम्स पहुंचे। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और लाल कृष्ण आडवाणी उनसे मिलने के लिए एम्स पहुंचे थे।
आपको बता दें कि बीते सात साल से अटल बिहारी वाजपेयी का रुटीन चेकअप एम्स में होता रहा है और मौजूदा चेकअप भी इसी नियमित चेकअप का हिस्सा है। पूर्व पीएम वाजपेयी साल 2009 से बीमार हैं और उन्हें चलने-फिरने के लिए व्हीलचेयर का इस्तेमाल करना पड़ता है। वयोवृद्ध राजनेता डिमेंशिया यानि भूलने की बीमारी से पीड़ित हैं।
ग़ौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी लंबे वक्त से बीमार हैं और चलने फिरने और बात करने से असमर्थ हैं। करीब तीन सालों से उन्हें किसी सार्वजिक सभा में नहीं देखा गया है। याद रहे कि बीजेपी के संस्थापक सदस्यों में शामिल वाजपेयी पहली बार 1996 में देश के पीएम बने. दूसरी बार साल 1998 में पीएम बने और चुनाव में जीत के बाद तीसरी बात 1999 में पीएम बने और साल 2004 तक रहे. मोदी सरकार ने उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाज़ रखा है।
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