ये दूरियां क्या कहती हैं, खुद पुलिस मांग रही इंसाफ !

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subodh kumar family meets up cm yogi adityanath
लखनऊ में यूपी सीएम इंस्पेक्टर सुबोध कुमार के परिवार से मिलते हुए

अजय चौधरी

राजनीति बडी गंदी चीज होती है ये साबित हो रहा है यूपी के बुलंदशहर हिंसा कांड में। जहां भीड ने पुलिस इंस्पेक्टर की जान ले ली थी। अभी तक ये बात साबित नहीं हो पाई है कि गोकशी हुई है या नहीं। गोकशी करने वालों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर में 7 में से 6 नाम बोगश निकले हैं। और भीड को हमलावर करने वाले लोगों में बजरंग दल के नेताओं का हाथ होने की बात सामने आई है। बजरंग दल का जिला संयोजक योगेशराज फरार चल रहा है।

भीड ने इंस्पेक्टर सुबोध कुमार के सर में पत्थर मार कर और बाद में देशी कट्टे से गोली मार कर उनकी हत्या कर दी थी। अब जो भी हो पुलिस ने अपना एक जबांज अफसर और परिवार ने अपना सदस्य खो दिया है। बात हम यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कर रहे हैं। जो सूबे में इतनी बडी घटना होने के बाद भी दूसरे राज्यों में चुनाव प्रचार करते घूम रहे थे। उन्होंने एक बार भी इस घटना पर दिल से खेद नहीं जताया। वो तो बस हनुमान को दलित और ओवैसी को धमकी देते नजर आए। जैसे योगी हैं पार्टी उनका वैसा ही इस्तेमाल भी कर रही है।

योगी को न तो पीडित परिवार के घर जा उससे मिलने का समय मिला न ही अपने इंस्पेक्टर के अंतिम संस्कार में जाने का। योगी ने इस मामले से दूरी बनाए रखी। योगी ने उल्टा ऐसे दु:ख भरे समय में पीडित परिवार को ही लखनऊ बुला लिया। गनीमत रही की सीएम ने परिवार को मिलने का समय दे दिया। योगी परिवार से मिले लेकिन उचित दूरी बनाकर। ऐसा कर योगी ने मिलने की खानापूर्ती भी पूरी कर दी।

अब देखना ये होगा जब सीएम के ऐसे तेवर हैं तो पीडित परिवार को इंसाफ मिल पाएगा की नहीं। बात यहां सिर्फ पीडित परिवार की नहीं है। बात यहां पुलिस की है। बड़ा सवाल ये है कि आपको इंसाफ दिलाने का भरोसा दिलाने वाली पुलिस क्या खुद को इंसाफ दिला पाएगी?

 

“ये लेखक के निजी विचार हैं। इस आलेख में सभी सूचनाएं लेखक द्वारा दी गई हैं, जिन्हें ज्यों की त्यों प्रस्तुत किया गया हैं। इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति दस्तक इंडिया उत्तरदायी नहीं है।”

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