सिक्किम में शुरु हुई ‘एक परिवार,एक नौकरी’ स्कीम

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हाल ही में सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण कोटा लोकसभा सत्र के दौरान पेश किया गया था। अब कई राज्य लोगों की नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगे आ रहे हैं। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने बिल के लिए अपनी मंजूरी दे दी है और अब राज्य सरकारें भी इसमें रुचि दिखा रही हैं। गुजरात के सीएम विजय रूपाणी ने सरकारी नौकरी में 10 फीसदी आरक्षण लागू करने का फैसला किया है। इसके अलावा, बिहार भी राज्य में इस सुधार को जल्द लागू करने के लिए तैयार है।

नौकरी के क्षेत्र में इन वादों के बीच, सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन चामलिंग ने शनिवार को ‘एक परिवार, एक नौकरी’ योजना शुरू की। इस योजना के तहत हर परिवार जिसके पास कोई सरकारी नौकरी नहीं है उसके एक सदस्य को रोजगार दिया जाएगा। इसके अळावा खेती और कृषि क्षेत्र में सभी ऋण निरस्त कर दिए जाएंगे। वर्तमान में इसके तहत 12 सरकारी विभागों में ग्रुप सी और ग्रुप डी पदों के लिए भर्तियां की जा रही हैं।

सरकार के एक मंत्री मे कहा कि “हम चौकीदार (गार्ड), माली (माली), अस्पतालों में वार्ड अटेंडेंट और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं, गाँव के पुलिस गार्ड और सहायक गाँव के पुस्तकालयाध्यक्षों सहित 26 विभिन्न पदों के लिए नियुक्तियाँ दे रहे हैं।” स्वतंत्र भारत में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री चामलिंग ने व्यक्तिगत रूप से राज्य के 32 विधानसभा क्षेत्रों में से प्रत्येक में दो लाभार्थियों को अस्थायी नियुक्ति पत्र सौंपे।

चामलिंग के सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रन्ट सरकार ने पहले घोषणा की थी कि योजना के तहत 20,000 युवाओं को तुरंत अस्थायी नौकरी दी जाएगी। एक बार कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ होने के बाद, अधिकारियों ने कार्यभार संभाला और नियुक्ति पत्र बांटने का काम किया। कुल मिलाकर 11,772 लोगों ने शनिवार को ही नियुक्ति पत्र जारी किए हैं। नई भर्तियों के लिए भुगतान करने के लिए चालू वित्त वर्ष में बजट का आवंटन 89 दिनों के लिए किया गया है, और अगले वित्तीय वर्ष में नए प्रावधान किए जाएंगे।

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