Population of Religions: दुनिया में बहुत से धर्मों और जीतियों के लोग रहते हैं और ऐसा कहा जाता है कि जिस भी समुदाय या घर्म के लोगों की संख्या यानी आबादी ज्यादा होती है, उसे दुनिया का सबसे बड़ धर्म माना जाता है। वहीं अगर दुनिया में इस समय अलग-अलग धर्म की आबादी की बात की जाए, तो पूरी दुनिया में इस समय 7.3 बिलियन की आबादी है। जिसमें से ईसाइयों की 31% आबादी है। जिसका मतलब यह है, कि ईसाई धर्म दुनिया में सबसे बड़ा धर्म है। वहीं दूसरे नंबर की बात की जाए, तो दूसरे नंबर पर इस्लाम धर्म आता है। वहीं तीसरे नंबर पर हिंदू धर्म आता है।
हैरान कर देने वाले आंकड़े (Population of Religions)-
हाल ही में प्यू रिसर्च ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें सबसे तेजी से बढ़ने वाले धर्मों के बारे में जानकारी दी गई है और इस रिपोर्ट में काफी हैरान कर देने वाले आंकड़े सामने आए हैं। जिससे पता चलता है, कि इस्लाम धर्म एक ऐसा धर्म होगा, जिसको मानने वालों की आबादी में बाकी किसी धर्म के मुकाबले बहुत ज्यादा तेजी से इजाफा देखने को मिल सकता है। प्यू रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, हर धर्म के फर्टिलिटी रेट युवा, धर्म परिवर्तन और युवा आबादी के आधार पर इस रिपोर्ट में साल 2060 तक आबादी का अनुमान लगाया गया है।

आबादी में बढ़ोतरी का अनुमान (Population of Religions)-
इस रिपोर्ट में कहा गया है, कि साल 2060 तक दुनिया में ईसाइयों की आबादी 32% तक बढ़ जाएगी। जबकि मुसलमानों की आबादी में 70% तक बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है। साल 2015 से 2060 तक के 45 सालों का अनुमान लगाया जाए, तो साल 2015 में एक अरब 80 करोड़ मुसलमानों की संख्या थी, जो आने वाले 36 सालों में बढ़कर तीन अरब तक पहुंच सकते हैं यानी कि साल 2015 से 2060 के बीच में मुस्लमानों की आबादी में 70% की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
फर्टिलिटी रेट-
इसकी वजह से मुस्लिम महिलाओं का फर्टिलाइजर रेट सबसे ज्यादा हो जाएगा। जहां पर बाकी धर्म में औसतन प्रति महिला दो बच्चे पैदा करती हैं। वही मुसलमानों में एक महिला औसतन तीन बच्चे पैदा करती है। प्यू रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, मुस्लिम आबादी मिडिल ईस्ट और सब सहारा अफ्रीका में ज्यादा रहती है। 2060 तक इन इलाकों में फर्टिलिटी रेट ज्यादा होने का अनुमान लगाया गया है। इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है, कि इस्लाम में युवा आबादी भी बहुत ज्यादा है।
मुस्लिम आबादी-
साल 2010 में फीसदी मुस्लिम आबादी 15 साल से कम उम्र की थी। जबकि 60% की जनसंख्या 15 से 59 साल की उम्र की थी। वही सिर्फ 7% लोग 60 साल या उससे ज्यादा की उम्र के थे। वहीं भारत में मुसलमानों की आबादी के बारे में बात की जाए, तो इस रिपोर्ट में कहा गया है, कि साल 2060 तक देश की 19 पर्सेंट आबादी मुस्लिम होगी। जबकि साल 2015 में यह 14.9 थी। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है, कि 36 सालों में भारत की मुस्लिम जनसंख्या 33 करोड़ तक पहुंच जाएगी। वहीं नाइजीरिया को लेकर भी यह कहा गया है, कि इस देश में ईसाइयों और मुसलमान की संख्या बराबर है।
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ईसाइयों और हिंदुओं की आबादी-
लेकिन साल 2060 तक यह संख्या 7.5 फ़ीसदी तक बढ़ जाएगी यानी कि नाइजीरिया में साल 2060 तक ईसाइयों की संख्या से ज्यादा मुसलमानों की संख्या हो जाएगी। इस रिपोर्ट की मानें, तो साल 2015 से 2060 के बीच में 34 परसेंट तक ईसाइयों की आबादी में बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं हिंदुओं की आबादी में 27% की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है। अगर आज के समय की बात की जाए, तो इस पूरी दुनिया में में 31% आबादी ईसाइयों की है, जबकि सिर्फ 15% आबादी हिंदूओं की हैं।
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