Sunita Williams: भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स इन दिनों एक अनोखी परिस्थिति का सामना कर रही हैं। आठ दिन के मिशन पर गईं सुनीता को अब आठ महीने से अधिक समय अंतरिक्ष में बिताना पड़ा है। बोइंग स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट में आई तकनीकी खराबी के कारण वह और उनके साथी अंतरिक्ष यात्री बैरी “बुच” विलमोर अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर ही रुके हुए हैं।
Sunita Williams जीरो ग्रैविटी का अनुभव-
मैसाचुसेट्स के नीधम हाई स्कूल के छात्रों से वीडियो कॉल पर बातचीत करते हुए सुनीता ने अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा, “मैं यहाँ काफी लंबे समय से हूं। अब मैं यह याद करने की कोशिश कर रही हूं कि चलना कैसा होता है। मैं ना तो चली हूं, न ही बैठी हूं।” उनकी यह बातें लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने के मानव शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों को दर्शाती हैं। गुरुत्वाकर्षण के अभाव में अंतरिक्ष यात्री अपनी मांसपेशियों और हड्डियों का उपयोग पृथ्वी की तरह नहीं कर पाते, जिससे समय के साथ शारीरिक बदलाव आते हैं।
Sunita Williams बोइंग स्टारलाइनर-
बोइंग स्टारलाइनर को सुनीता और विलमोर को सुरक्षित वापस लाना था, लेकिन स्पेसक्राफ्ट में कई तकनीकी समस्याएं सामने आईं। थ्रस्टर में खराबी और हीलियम लीक जैसी समस्याओं के कारण नासा ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अंतरिक्ष यात्रियों के बिना ही स्टारलाइनर को वापस भेजने का फैसला किया।
स्पेसएक्स का रेस्क्यू मिशन-
इस स्थिति में नासा ने एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स से मदद मांगी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मार्च 2025 तक स्पेसएक्स के क्रू-9 मिशन के जरिए सुनीता और विलमोर को वापस लाया जाएगा। इसका मतलब है कि दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को करीब एक साल तक अंतरिक्ष में रहना पड़ेगा। स्पेसएक्स पिछले कुछ वर्षों में कई सफल मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन पूरे कर चुका है और अब यह सुनीता और विलमोर की सुरक्षित वापसी की तैयारी कर रहा है।
ट्रम्प की चिंता और मस्क का जवाब-
इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस पर टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरिक्ष यात्रियों को “छोड़ दिया गया” है और एलन मस्क से कार्रवाई करने की अपील की। सोशल मीडिया पर ट्रम्प ने मस्क और स्पेसएक्स से अंतरिक्ष यात्रियों को “वापस लाने” का आग्रह किया। मस्क ने सकारात्मक जवाब देते हुए कहा कि उन्हें “जितनी जल्दी हो सके” वापस लाने के प्रयास पहले से ही चल रहे हैं।
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वैज्ञानिक शोध जारी-
इस अप्रत्याशित देरी के बावजूद, सुनीता विलियम्स और बैरी विलमोर अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर वैज्ञानिक शोध में योगदान दे रहे हैं। वे अपनी वापसी का इंतजार करते हुए महत्वपूर्ण अनुसंधान कार्यों में लगे हुए हैं। नासा को स्पेसएक्स के क्रू-9 मिशन पर पूरा भरोसा है कि वह दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित वापस ला सकेगा।
यह घटना अंतरिक्ष यात्रा की जटिलताओं और चुनौतियों को दर्शाती है। साथ ही यह निजी कंपनियों की बढ़ती भूमिका और अंतरिक्ष मिशनों में सहयोग की महत्ता को भी रेखांकित करती है। सुनीता विलियम्स का अनुभव भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेगा।
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